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तालिबानियों के खिलाफ पंजशीर के लड़ाकों ने खोला मोर्चा, तीन शहरों से खदेड़ा…

21-Aug-2021

00 पंजशीर घाटी में जुट रहे हैं तालिबान विरोधी ताकतें व सैनिक

काबुल/नई दिल्ली (शोर संदेश)। अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे के बाद पंजशीर के लड़ाकों ने तालिबान के खिलाफ बगावत कर दी है। पंजशीर के इर्द- गिर्द तालिबान और स्थानीय लड़ाकों के बीच घमासान जारी है। पंजशीर के स्थानीय सूत्रों के मुताबिक यहां से करीब 50 किलोमीटर दूर बगलान प्रांत के पुल- ए- हिसार जिले व परवान प्रांत के चारिकार इलाके समेत 3 जिलों को नॉर्दर्न अलायंस व लड़ाकों ने तालिबान के कब्जे से छुड़ा लिया है। वहीं बानू और देह- ए- सलाह जिलों में भी भीषण लड़ाई जारी है। तालिबान पर कई दिशाओं से हमला किया गया है और उन्हें भारी नुक्सान हुआ है।तालिबान के खिलाफ अफगान जनता सड़कों पर है और पंजशीर में तालिबान का सबसे पुराना दुश्मन उठ खड़ा हुआ है और उसकी हुकूमत के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बीच उससे निपटने की रणनीति तैयार करने के लिए तालिबान विरोधी ताकतें व सैनिक पंजशीर घाटी में इकट्ठे होने लगे हैं।इनमें पूर्व उपराष्ट्रपति अमरूल्ला सालेह और अफगान सरकार के वफादार सिपहसालार जनरल अब्दुल रशीद दोस्तम व अता मोहम्मद नूर के अलावा नॉर्दर्न अलायंस से जुड़े अहमद मसूद की फौजें शामिल हैं। इस बीच तालिबान ने एक प्रतिनिधिमंडल को पंजशीर में अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद से वार्ता करने के लिए भेजा है। वहीं मसूद ने कहा कि वह वार्ता और हमले दोनों के लिए तैयार हैं।

00 तालिबान विरोधी प्रदर्शन कई शहरों में जारी

तलिबान के खिलाफ अफगानिस्तान के कई शहरों में लोग सड़कों पर निकल कर प्रदर्शन कर रहे हैं। तालिबान लड़ाके इन प्रदर्शनकारियों पर हमलेकर उन्हें पीट रहे हैं। राजधानी काबुल में एक ऐसे ही प्रदर्शन में करीब 200 लोग शामिल थे। तालिबान लड़ाकों ने इन्हें बड़ी क्रूरता से खदेड़ा।गुरुवार को खोस्त शहर में तालिबान द्वारा घोषित कफ्र्यू के बीच कुछ लोगों ने अफगानिस्तान की आजादी का झंडा लेकर प्रदर्शन किया। इससे पहले असादाबाद शहर में तो तालिबानों ने राष्ट्रीय झंडे के साथ जुलूस निकाल रहे लोगों पर तालिबान ने फायरिंग कर दी थी। इसमें कई लोग मारे गए।

00 9 अल्पसंख्यकों की हत्यागजनी प्रांत के मुंदाराख्त गांव में तालिबान ने हजारा अल्पसंख्यक समुदाय के 9 लोगों की हत्या कर दी। इनमें से छह लोगों की हत्या गोली मारकर की गई, जबकि तीन को प्रताडि़त कर मारा गया। उनके हाथ उखाड़ दिए गए।एमनेस्टी इंटरनेशनल ने तालिबान की क्रूरता पर चिंता जताते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा कि 4 से 6 जुलाई के बीच गांव पर तालिबान ने कहर बरपाया था। इसके बाद एमनेस्टी के शोधकर्ताओं ने जाकर प्रत्यक्षदर्शियों से बात की और यह सच सामने आया।एमनेस्टी इंटरनेशनल के प्रमुख एग्नेस कालामार्ड ने कहा कि यह जघन्यता तालिबान के पहले के रिकॉर्ड की याद दिलाती है और बताता है कि तालिबान का शासन कितना क्रूर हो सकता है। अधिकार समूह ने चेतावनी दी कि कई हत्याएं हुई होंगी लेकिन अभी तक उनके बारे में सूचना नहीं है क्योंकि तालिबान ने अपने कब्जे वाले कई इलाकों में फोन सेवाएं काट दी हैं ताकि तस्वीरें प्रकाशित नहीं हों।



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