नईदिल्ली(शोर सन्देश)।मोदी सरकार की सबसे बड़ी किसान योजना पीएम किसान सम्मान निधि के 20 महीने पूरे हो गए हैं इस दौरान स्पेलिंग, बैंक अकाउंट नंबर व आधार सीडिंग न होने की वजह से 46 लाख से अधिक लोगों की पेमेंट फेल हो गई है पहली किश्त में सबसे ज्यादा लोगों की पेमेंट फेल हुई थी, उसके बाद बढ़ती जागरूकता के कारण धीरे-धीरे ऐसे लोगों की संख्या घटने लगी केंद्रीय कृषि मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक आवेदनकर्ताओं के नाम, मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट नंबर में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है बताया गया है कि ऐसे राज्यों में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और यूपी में सबसे आगे हैं इसलिए अगर खेती-किसानी के लिए 6000 रुपये चाहिए तो फार्म भरते वक्त `सावधानी रखें वरना आवेदन के बाद भी पैसा नहीं आएगा।
बैंक अकाउंट और अन्य कागजातों में नाम की स्पेलिंग अलग-अलग होगी तो पैसा नहीं आ पाएगा क्योंकि स्कीम में पेमेंट का सिस्टम ऑटोमेटिक है वो उसे रिजेक्ट कर देता है इस समय योजना की छठी किश्त के 2000 रुपये भेजे जा रहे हैं सभी किश्तों का विश्लेषण करने से पता चलता है कि 46,13,797 किसानों का भुगतान फेल हुआ है जबकि उनके लिए फंड ट्रांसफर ऑर्डर जनरेट हो चुका था प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम, पीएम किसान स्टेटस कैसे चेक करें, पीएम किसान स्कीम में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और सुधार, क्यों पीएम किसान स्कीम का भुगतान विफल हो रहा, आधार सुधारफिलहाल, पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत सालाना 6000 रुपये मिलते हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक पहली किश्त में सबसे अधिक 13,68,509 लोगों का भुगतान फेल हुआ. दूसरी में 11,40,085, तीसरी में 8,53,721, चौथी में 10,51,525, पांचवीं में 31,774, जबकि अभी भेजी जा रही छठी किश्त में अब तक 1,68,183 की पेमेंट फेल हुई है. यह 100 फीसदी केंद्र सरकार फंडेड स्कीम है, लेकिन किसान को पैसा तब मिलता है जब राज्य सरकार किसान के डाटा को वेरीफाई करके केंद्र को भेजती है क्योंकि राजस्व राज्य सरकार का विषय है।