रायपुर (शोर सन्देश)। . राजधानी में क्रिसमस का जोश पूरे उफान पर है। उद्धारकर्ता के आगमन के लिए मसीहीजन आत्मिक रूप से अपने दिलों को तैयार कर रहे हैं। गौशाला की चारणी में जन्मे प्रभु यीशु का जीवंत चित्रण गिरिजाघरों व घरों में दिखने लगा है। घरों पर सितारे लगाकर यह संकेत दिए जा रहे हैं कि प्रभु यीशु का जन्म यहीं हुआ है। पूरे शहर में ट्री प्रोग्राम और जलसे हो रहे हैं।
करीब 42 गिरिजाघरों में क्रिसमस ट्री सजाए गए हैं। 24 दिसंबर की शाम से ही चर्चों में कार्यक्रम प्रारंभ हो जाएंगे जो आधी रात के बाद तक चलेंगे। विशेष आराधनाओं के साथ प्रभु भोज की पवित्र ब्यारी का संस्कार संपन्न होगा। 25 दिसंबर को सुबह से ही बड़े दिन की आराधना के लिए मसीहीजन चर्चों में पहुंचेंगे। कार्यक्रमों का सिलसिला 1 जनवरी नव वर्ष तक चलेगा। राजातालाब में संडे स्कूल के बच्चों ने उधारकर्ता का जन्म नाटक का मंचन किया। प्रारंभिक प्रार्थना स्वाति सोलोमन ने की। पादरी सुशील मसीह ने प्रभु के जन्म का संदेश दिया। जलसे में डीकन जीवन मसीह दास, तेलीबांधा की इंचार्ज खुशमणि दास, छत्तीसगढ़ डायोसिस के सचिव नितिन लॉरेंस भी शामिल हुए। सीमा डेविड परिवार ने बच्चों को केक बांटे जबकि रितिका कुमार, शर्ली सिंग, दीपेश चतरे, बीनू बेनेट, प्रतिभा पॉल परिवार ने अपना सहयोग दिया।