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रूस-यूक्रेन युद्ध : नाटो ने अपनी सेनाओं को किया अलर्ट…

05-Mar-2022
कीव /नई दिल्ली (शोर संदेश) - रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध दिन-ब-दिन खौफनाक होता जा रहा है। ताजा खबर यह है कि रूसी सेना ने अब यूक्रेन के शहरों पर बमबारी की तैयारी शुरू कर दी है। यह जानकारी सामने आने के बाद अमेरिका समेत अन्य पश्चिम देशों ने आशंका जताई है कि इससे भारी संख्या में नागरिकों की मौत होगी। वहीं नाटो ने अपनी सेनाओं को अलर्ट कर दिया है।बता दें, रूस पहले ही कह चुका है यदि यूक्रेन की किसी ने मदद की तो भारी कीमत चुकाना होगी। यही कारण है कि तमाम देश यूक्रेन के साथ तो खड़े हैं, लेकिन वहां अपनी सेना उतारने के परहेज कर रहे हैं। वहीं यूक्रेन ने जर्मनी से भी सैन्य मदद मांगी है। वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने यहां फेसबुक और ट्विटर के साथ ही यूट्यूब पर भी बैन लगा दिया है।यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने युद्ध के दौरान रूसी सेना के 9,166 लोगों को मारने का बड़ा दावा किया है। ट्वीट कर बताया है कि 24 फरवरी से जारी इस युद्ध में अभी तक रूस के 939 हमला करने वाले सैन्य वाहन, हमले में योगदान देने वाले 404 अन्य वाहन, 251 टैंक, 105 तोपें, 60 ईंधन टैंकर, 50 राकेट लांचर, 33 लड़ाकू विमान, 37 अटैक हेलीकाप्टर, 18 एयर डिफेंस सिस्टम, तीन ड्रोन और दो स्पीड बोट नष्ट की गई हैं। इस प्रकार से यूक्रेन में रूस को सैन्य जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। गुरुवार को यूक्रेन में रूसी सेना के मेजर जनरल की मौत हुई थी। पता चला है उनकी गोली लगने से मौत हुई थी।रूसी मीडिया के अनुसार युद्धविराम की संभावना पर विचार के लिए शनिवार को रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडलों के बीच तीसरे दौर की वार्ता हो सकती है। दूसरे दौर की वार्ता गुरुवार को हुई थी और उसमें देसी-विदेशी नागरिकों को युद्धग्रस्त क्षेत्रों से निकलने के लिए सुरक्षित रास्ता देने पर सहमति बनी थी। कुछ अन्य बिंदुओं पर दोनों देशों की समान चिंताएं पाई गई हैं। उन्हीं सहमति वाले बिंदुओं पर फैसला लेने के लिए तीसरे दौर की वार्ता होगी।नाटो के महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने रूसी लड़ाकू विमानों को रोकने के लिए यूक्रेन के ऊपर के आकाश को नो फ्लाई जोन घोषित करने का यूक्रेनी सरकार का अनुरोध खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, नाटो इस लड़ाई का हिस्सा नहीं है। हम सारे प्रयास इसलिए कर रहे हैं कि तनाव यूक्रेन की सीमा से बाहर न बढ़े। हम सिर्फ नाटो देशों की सुरक्षा के संकल्प से जुड़े हुए हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि नाटो एक सुरक्षात्मक गठबंधन है। इसका उद्देश्य तनाव बढ़ाना नहीं है।

यूक्रेन में अपने सैन्य अभियान को आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार को रूसी सेना ने यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र जपोरीजिया पर कब्जा कर लिया। हमले के दौरान हुई बमबारी से संयंत्र में आग लग गई जिससे पूरी दुनिया में सनसनी पैदा हो गई। आनन-फानन में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आइएईए) और अन्य विशेषज्ञों ने रूस को तबाही के खतरे से आगाह किया, तब यूक्रेनी अग्निशमन दल को आग बुझाने की अनुमति मिली। इससे पहले रूस ने यूक्रेन के चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र पर कब्जा किया है। अमेरिका ने परमाणु संयंत्रों पर हमला कर मानव जाति को खतरे में डालने के लिए रूस पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया है।अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों का दावा है कि यूक्रेन में राजधानी कीव और कई अन्य शहरों में हमले में जुटी सेना को को ईंधन और खाद्य सामग्री की कमी का सामना करना पड़ रहा है। खराब मौसम के चलते रूसी सेना के काफिले में शामिल वाहन कीचड़ और जाम में फंस गए हैं, इसलिए वे अग्रिम मोर्चों पर लड़ रहे सैनिकों को रसद नहीं पहुंचा पा रहे हैं। आठ दिन की लड़ाई में रूसी सेना के यूक्रेन के बड़े शहरों पर कब्जा न कर पाने का यह बड़ा कारण है।



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