रायपुर (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में मंथन का शनिवार को दूसरा दिन है। राजीव भवन में बैठक कर हार की समीक्षा की जाएगी। सभी नेताओं से उनके क्षेत्र में हुई हार की वजह जानी जाएगी। नेताओं से उनकी शिकायत, समस्या समेत सभी मुद्दों पर चर्चा होगी। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।
सुबह 11 बजे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त महामंत्री और सचिव बैठक लेंगे। दोपहर 12.30 बजे विधानसभा चुनाव 2023 में टिकट नहीं मिलने वाले पूर्व विधायकों के साथ चर्चा होगी। दोपहर 2 बजे प्रदेश मोर्चा, संगठन, प्रकोष्ठ विभाग के अध्यक्षों से बातचीत होगी। फिर दोपहर 3.30 बजे सभी जिला और शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की बैठक रखी गई है।
इससे पहले 22 दिसंबर को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई थी। बैठक में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, पीसीसी चीफ दीपक बैज, पूर्व सीएम भूपेश बघेल समेत पूर्व मंत्री, नए विधायक भी शामिल हुए।
प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में कई अहम फैसले हुए। 28 दिसंबर को सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस नेता ध्वजारोहण करेंगे। बूथ स्तर पर कांग्रेस नेता ध्वज लहराएंगे। नागपुर में 28 दिसंबर को 25 हजार कार्यकर्ता शामिल होंगे। 28 दिसंबर तक क्राउड फंडिंग जारी रहेगा। 28 दिसंबर के बाद डोर टू डोर कार्यकर्ता राशि एकत्र करेंगे।
2023 विधानसभा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं को हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के पास वैसे तो 35 विधायक हैं, लेकिन इनमें से 14 विधायक पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं। बाकी 21 में आधे से ज्यादा दूसरी बार विधायक बने हैं। कांग्रेस पार्टी को इस बार कुल 35 विधानसभा सीटों में जीत हासिल हुई है। वहीं भाजपा ने 54 सीट पर जीत दर्ज की। जबकि गोंगपा ने एक सीट जीती।