ब्रेकिंग न्यूज

रूस में कोरोना वैक्सीन को लॉन्च करने से पहले शोधकर्ताओं पर होगा परीक्षण*

10-Aug-2020

नई दिल्ली/मॉस्को (शोर सन्देश) दुनियाभर में कोरोना वायरस (कोविड-19) के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इसकी वैक्सीन बनाने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक पूरी कोशिश में जुटे हुए हैं लेकिन अभी तक किसी को भी सफलता नहीं मिल पाई है। हालांकि रूस इस मामले में दुनिया के बाकी देशों से बाजी मार सकता है। रूस कोरोना वायरस के खातमे के लिए प्रभावी वैक्सीन लॉन्च करने वाला दुनिया का पहला देश बनने जा रहा है। ये कोविड-19 वैक्सीन मॉस्को के `गैमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी` में तैयार की गई है। रूस ने दावा किया है कि वह 12 अगस्त को इस वैक्सीन को रजिस्टर कराने जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस में ऐसा सुझाव दिया गया है कि गैमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक अलेक्जेंडर गिन्सबर्ग सहित अन्य शोधकर्ता पहले अपने ऊपर ही वैक्सीन का परीक्षण करेंगे। अलेक्जेंडर गिन्सबर्ग का कहना है कि वैक्सीन का मानवों पर परीक्षण करने से पहले शोधकर्ताओं पर परीक्षण करना विवाद को जन्म दे रहा है। हालांकि उनके इस बयान की रशियन एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल रिसर्च एसोसिएशन (RACRA) ने निंदा की है। एसोसिएशन का कहना है कि ये `क्लिनिकल रिसर्च, रूसी कानून और सार्वभौमिक रूप से स्वीकृत अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है।` वैक्सीन ने सभी परीक्षणों को पूरा कर लिया है और रूसी अधिकारियों ने इसे उपयोग के लिए एकदम ठीक बताया है। रूस ने योजना बनाई है कि वह इसी हफ्ते वैक्सीन को लॉन्च कर देगा। इसके साथ ही खबर ये भी है कि वह वैक्सीन का निर्माण शुरू होने से पहले इसे फ्रंटलाइन वर्कर्स को दे सकता है क्योंकि उन्हें संक्रमित लोगों के बीच में ही काम करना है। आपको बता दें किसी भी वैक्सीन को आम लोगों के इस्तेमाल के लिए तभी मंजूरी मिलती है, जब वो मानव परीक्षण के तीन चरणों को पूरा कर लेती है। सामान्य परिस्थितियों में किसी वैक्सीन के मानव परीक्षण के पहले चरण में ही कई महीनों का वक्त लग जाता है। हालांकि रूस के मामले में ऐसा माना जा रहा है कि वो इस वैक्सीन के सभी चरणों को पूरा कर चुका है। जिसके चलते वैक्सीन आम लोगों के इस्तेमाल के लिए पूरी तरह से तैयार है।



leave a comment

Advertisement 04

kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account