नई दिल्ली (शोर सन्देश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज झांसी में रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय का ऑनलाइन लोकार्पण किया। इसके अलावा उन्होंने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक भवन का भी उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि 6 साल पहले जहां देश में सिर्फ 1 केंद्रीय कृषि विश्विद्यालय था, आज 3 सेंट्रल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटीज़ देश में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा तीन राष्ट्रीय संस्थान IARI-झारखंड, IARI-असम, मोतीहारी में महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर इंटीग्रेटेड फॉर्मिंग की स्थापना की जा रही है।
उन्होंने कहा कि कृषि में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य किसानों को एक उत्पादक के साथ ही उद्यमी बनाने का भी है। जब किसान खेती, उद्योग के रूप में आगे बढ़ेगी तो बड़े स्तर पर गांव में गांव के पास ही रोज़गार स्वरोज़गार के अवसर तैयार होने वाले हैं। जब हम कृषि में आत्मनिर्भरता की बात करते हैं तो ये सिर्फ खाद्यान्न तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ये गांव की पूरी अर्थव्यवस्था की आत्मनिर्भरता की बात है। उन्होंने कहा कि देश में खेती से पैदा होने वाले उत्पादों में वैल्यू एडिशन करके देश दुनिया के बाज़ारों में पहुंचाने का मिशन है।
उन्होंने कहा कि कभी रानी लक्ष्मीबाई ने बुंदेलखंड की धरती पर गर्जना की थी- मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी। आज एक नई गर्जना की आवश्यकता है- मेरी झांसी-मेरा बुंदेलखंड आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत लगा देगा, एक नया अध्याय लिखेगा कृषि की इसमें बहुत बड़ी भूमिका है।