ब्रेकिंग न्यूज

एस जयशंकर के दौरे से पाकिस्तानी भी हैरान, भारत के कदम की हो रही जमकर तारीफ

15-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार को शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पाकिस्तान पहुंच रहे हैं। पाकिस्तान में उनके दौरे को लेकर चर्चा तेज है। वहीं भारत के इस कदम को लेकर पाकिस्तानी काफी हैरान भी हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों को भी उम्मीद नही थी कि तनावपूर्ण संबंधों के बीच भारत विदेश मंत्री को भेजेगा। पाकिस्तानियों को लगता था कि ऐसी स्थिति में जब दोनों देशों ने एक दूसरे के राजनयिकों को वापस बुला लिया है तब कोई ब्यूरोकेट ही एससीओ में शामिल होने पाकिस्तान पहुंचेगा।
15 और 16 अक्टूबर को इस्लामाबाद में एससीओ शिखर सम्मेलन होने जा रहा है। पिछले साल यह शिखर सम्मेलन गोवा में हुआ था जिसमें हिस्सा लेने पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो पहुंचे थे। उन्होंने इस बहुपक्षीय सम्मेलन में भी कश्मीर का मुद्दा उठा दिया था। इसके बाद भारत में उनकी खूब फजीहत हुई थी। वहीं अब पाकिस्तानी जानकारों का भी कहना है कि एस जयशंकर काफी बुद्धिमान हैं और वह बिलावल भुट्टो वाली गलती कभी नहीं दोहराएंगे। दौरा शुरू होने से पहले ही एस जयशंकर स्पष्ट कर चुके हैं कि पाकिस्तान में द्विपक्षीय मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं होगी।
एस जयशंकर ने कहा था, मैं पाकिस्तान और भारत के बीच संबंधों पर चर्चा करने नहीं जा रहा हूं। बल्कि एससीओ के एक अच्छे सदस्य के तौर पर जा रहा हूं। बता दें कि एससीओ 2001 में बनाया गया था जिसमें भारत, पाकिस्तान, चीन, ईरान, कजाखस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान शामिल हैं।
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने क्या कहा
पाकिस्तान ने इस सम्मेलन के लिए वैसे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रण दिया था लेकिन उसे भी लगता था कि भारत किसी जूनियर मंत्री या फिर ब्यूरोक्रेट को भेजेगा। पाकिस्तानी विदेश मंत्री इसहाक डार ने कहा कि मेजबान देश कभी द्विपक्षीय चर्चा का प्रस्ताव नहीं रखता है। अगर भारत की तरफ से कोई पहल होगी तो उसपर विचार जरूर किया जाएगा।
पाकिस्तानी न्यूज चैनल से बात करते हुए पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी ने कहा कि यह भारत का स्मार्ट मूव है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अजीब स्थिति में हैं। भारत से हमारे संबंध सामान्य नहीं हैं। ऐसे में भी भारत ने बहुत सोच-समझकर कदम उठाया है। वहीं भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त रहे अब्दुल बासित ने जयशंकर की तारीफ की और कहा कि जयशंकर काफी सभ्य व्यक्ति हैं और वह पाकिस्तान में बिल्कुल कोई भी द्विपक्षीय मुद्दा नहीं उठाएंगे।
एक अन्य पाकिस्तानी जानकार ने कहा कि जयशंकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफी करीबी हैं और वह हार्डलाइनर्स में से एक हैं। अगर पाकिस्तान का कोई भी रवैया गड़बड़ होता है तो वह जवाब जरूर देंगे। वहीं पाकिस्तान की हालत पहले से ही खराब है ऐसे में शहबाज शरीफ भी कश्मीर जैसे मुद्दे को छेड़ने की गलती नहीं करेंगे। वहीं भारत ने यह सोचकर कदम उठाया है कि दुनिया में यह संदेश ना जाए कि भारत ही बातचीत के बीच रोड़ा अटका रहा है।


leave a comment

Advertisement 04

kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account