जगदलपुर (शोर सन्देश)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अलावा अलग-अलग राज्यों में नशे के सौदागरों पर की गई कार्रवाई के आंकड़े भी जारी किए जा रहे हैं देश के 6 बड़े राज्यों में पूरे राज्य की पुलिस जितना गांजा पकड़ती है उससे कहीं ज्यादा गांजा अकेले बस्तर की पुलिस ही पकड़ लेती है। गांजा पकड़ने के अलावा इस मामले में आरोपियों को सजा दिलाने का रेट भी कई राज्यों की पूरी कार्रवाई के रेट से कहीं ज्यादा है। हाल ही में बस्तर पुलिस ने गांजा सप्लाई पर कार्रवाई के जो आंकड़े जारी किए हैं वे अपने आप में रिकॉर्ड कार्रवाई की कहानी बयां कर रहे हैं। 2015 से 2018 के बीच के आंकड़ों के हिसाब से बस्तर पुलिस ने 78019 किलो गांजा पकड़ा है। जबकि बाकी 6 राज्यों की पुलिस में से एक भी राज्य की पुलिस इस आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई। इधर बस्तर पुलिस ने पिछले 5 साल(2016-20) में 85577 किलो गांजा अकेले ही पकड़ लिया है।
बस्तर पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि बस्तर तस्करों का रास्ता है बस्तर पुलिस इस बात को जानती है और यही कारण है कि हम कोशिश करते हैं कि बॉर्डर पार होते ही तस्करों को पकड़ लिया जाए। हमारी पुलिस ने हाल में बहुत अच्छा काम किया और कई रिकार्ड कार्रवाइयां भी की है। हमारी कार्रवाई को इससे ही समझा जा सकता है कि पिछले 8 महीनों में ही हमने 7 टन से ज्यादा गांजा पकड़ा है। अभी पूरे देश में गांजा की सप्लाई के लिए बस्तर की सड़कें लाइफलाइन का काम कर रही हैं। तस्कर ओडिशा से गांजा खरीदकर बस्तर के रास्ते हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार जैसे राज्यों में खपाने की कोशिश करते हैं। बस्तर पुलिस इन तस्करों पर तो कार्रवाई कर ही रही है और अब सप्लायरों को भी गिरफ्तार किया जा रहा है।