बालोद (शोर सन्देश)। कलेक्टर महोबे ने कहा कि जिले में संचालित गौठानों में स्वसहायता समूहों के माध्यम से आजीविका संवर्धन के लिए लघु, कुटीर उद्योगों की स्थापना किया जाए। गौठानों में साबुन, फिनायल, अगरबत्ती, टोमैटो कैचअप, आर्गेनिक राईस, फूड प्रोसेसिंग, फाइल पैड, दोना पत्तल, मसाला उद्योग आदि स्थापित किया जाए। कलेक्टर महोबे आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कृषि, उद्यान, पंचायत और ग्रामीण विकास व नगरीय निकाय आदि विभागों के अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश कुमार चन्द्राकर, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत ठाकुर इस अवसर पर मौजूद थे। कलेक्टर मोहबे ने बताया कि इन उत्पादों को बाजार मुहैया कराए जाने के दृष्टिकोण से मार्केटिंग समिति का भी गठन किया गया है। उन्होंने शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी गॉव योजना (नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी) की प्रगति की समीक्षा की और कहा कि इस योजना में किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नही होगी। कलेक्टर ने गोधन न्याय योजना के अंतर्गत अब तक खरीदे गए गोबर और वर्मी कम्पोस्ट निर्माण व विक्रय की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट फसलों के लिए बहुत उपयोगी है। वर्मी कम्पोस्ट की उपयोगिता की जानकारी किसानों को दें। उन्होंने निर्माणाधीन वर्मी टंाकों का निर्माण शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने केंचुआ की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने मछलीपालन और मुर्गीपालन हेतु स्वसहायता समूहों के सदस्यों के प्रशिक्षण की जानकारी ली। बैठक में उप संचालक कृषि श्री नागेश्वर लाल पांडेे, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी आदि उपस्थित थे।