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मेहंदी से सौन्दर्य : शहनाज हुसैन

04-Feb-2021

संजीव सेन  (शोर सन्देशमेहंदी हर महिला की पहली पसन्द होती है। मेहंदी को सोलह श्रृंगार में से एक माना जाता है तथा मेहंदी को प्राचीन समय से हर भारतीय त्यौहार में शुभ शगुन के तौर पर उपयोग किया जाता रहा है। शादी, रक्षा बन्धन, ईद, तीज, गणेश उत्सव और करवा चौथ जैसे पवित्र त्यौहार मेहंदी के बिना अधूरे माने जाते हैं। हालाँकि मेहंदी का उपयोग परम्पारिक तौर पर सदियों से किया जा रहा है, लेकिन आजकल महिलाओं में अलग-अलग डिज़ाइन में मेहंदी लगाने का क्रेज कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है। मेहंदी को दैविक गुणों से भरपूर माना जाता है। हाथों पर लाल सुर्ख रंग की मेहंदी जहां आपके श्रृंगार को पूरा करती है बहीं आपकी जिन्दगी में धन सम्पति, प्यार मोहबत आदि सुखों की लालिमा विखेर देती है। मेहंदी कई औषधीय गुणों की खान मानी जाती है। मेहंदी लगाने से बुखार, तनाव तथा सिर दर्द से छुटकारा मिलता है तथा अनेक त्वचा सम्बन्धित शिकायतों से मुक्ति मिलती है। माना जाता है कि दुल्हन के हाथों में है मेंहदी का रंग जितना गाढ़ा चढ़ता है। उसे अपने पिया का उतना ही ज्यादा प्यार नसीब होता है। मेहंदी तथा शादियों का प्राचीन समय में अटूट रिश्ता रहा है। भारतीय परम्परा के अनुसार दुल्हन के मेहंदी का रंग जितना तेज चढ़ता अपनी सास का उतना ही ज्यादा दुलार मिलता है। दुल्हन के अंगों पर मेहंदी का रंग जितना ज्यादा समय तक टिका रहता है। दम्पत्ति के सम्बन्ध उतने ही दीघार्यु तथा प्रगाड़ बने रहते है। इन किवदन्तियों तथा आस्थाओं में कितनी सच्चाई है यह एक अलग विषय ही सकता है, लेकिन मेहन्दी के प्रति महिलाओं का आकर्षण जगजाहिर है। तीज, दीपावली करवाचौथ जैसे अनेक भारतीय त्यौहारों मे मेंहदी का रंग.सिर चढ कर बोलता है तथा इन त्यौहारों से पहले महिलायें खासकर किशोरियां आकर्षण डिजाईन की मेहन्दी लगाने के लिए मार्किट में घंटों अपनी बारी का इंतजार करती है। शादी से एक दिन पहले मेहंदी की रात मानी जाती है। जहां वधू तथा उसके परिवार की महिलाओं हाथों पावों तथा कन्धों पर बड़े चाव से मेहन्दी लगवाती है। सौंदर्य के अलावा मेहन्दी औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती है। आधुनिक रिसर्च में यह पाया गया है कि मेहन्दी लगाने से तनाव कम होता है। स्नायूतंत्र में शान्ति आती है, सिरदर्द तथा बुखार में राहत मिलती है।
मेहंदी के गाढ़े रंग कुछ साधारण उपायो के अपनाने से आसानी से पाए जा सकते है। मेहंदी के पेस्ट बनाने के लिए मेहंदी को सुखी पत्तियों के पाऊडर को कपड़ेध्छलनी से छान लें तो इसका मिश्रण मुलायमदार बनेगा। इस मिश्रण में रंग निखारने के लिए नीबूं की कुछ बूंदे डाल लीजिए। उस मिश्रण को आप प्लास्टिक चम्मच की मदद से कांच के गिलासए प्लास्टिक की कटोरी में रख सकती है। इस मिश्रण में चीनी मिला लीजिए। मिश्रण में चीनी मिलाने से मेहंदी लम्बेे समय तक त्वचा से चिपटी रहती है तथा शीघ्रता से शुष्क होकर नीचे नही गिरती। मेहंदी का गाढ़ा रंग पाने के लिए नीबूं जूस तथा चीनी के साथ ही मिश्रण में काफी या चाय का पानी मिलाया जाता है। इस मिश्रण को गर्म पानी में डालकर पेस्ट बना लीजिए तथा मिश्रण में कुछ बून्दे मोगरे का तेल डाल लीजिए। इस मिश्रण को एयर टाईट जार में रखकर रात भर रेफ्रिजरेटर में रखिए तथा अगले दिन आप इस मिश्रण का देश के कुछ हिस्से में गाढ़ा भूरा रंग पाने के लिए मेहन्दी में अखरोट के छिलकों की भूसी मिलाया जाता है। जिससे इसका रंग लम्बे समय तक बना रहता है। हालांकि आप ऐसिडिक माने जाने वाले इमली-- सिरका आदि किसी भी तत्व को मेहंदी का रंग निखारने के लिए उपयोग कर सकते है लेकिन उनमें नीबूं के रस की बूंदे सबसे ज्यादा प्रभावी साबित होती है।
मेहंदी छुड़ाने के लिए साबुन एवं पानी का इस्तेमाल कतई करें। मेहंदी को हाथों पर 8 -10 घण्टे लगा रहने दें तथा हाथों को आहिस्ता आहिस्ता रगड़ते हुए मेहंदी को छुड़ा कर हाथों पर सरसों तेल की मालिश करें, जिससे मेहंदी का गहरा रंग लम्बे समय तक टिका रहेगा। यदि आप नाखूनों पर मेंहदी लगानी चाहती है तो आप नाखूंनों को ट्रिम करके उन्हें साफ कर लीजिए। नाखूनों को गर्म पानी में 10-15 मिनट तक डूबोए जिससे नाखून तथा उनमें सटी त्वचा मुलायम हो जाएगी। उन पर मेहंदी लगाने से मेहंदी आसानी से सोख जाएगी। टूथपिक, माचिस की तिल्ली, कोन तथा स्टैशिल सहित मेहंदी लगाने के अनेक तरीके है।
मेहंदी को कम से कम 3 घंटे तक लगा रहने दीजिए तथा इसी बीच इसमें नीबूं जूस की बूंदों तथा चीनी मिलाते रहिए। यदि किसी हिस्से में मेहंदी के टुकडे़ गिरना शुरू हो तो उस जगह पर नया मेहंदी पेस्ट लगा दीजिए। मेहंदी का पेस्ट जितना ज्यादा समय अंगों पर चिपका रहेगा। मेहंदी का रंग उतना ही गहरा निखर कर आएगा। मेंहदी पेस्ट के सूख जाने के बाद इसे स्क्रब करके हटाया जाना चाहिए तथा पानी से कतई नहीं धोना चाहिए। मेहंदी के गहरे तथा गूढ़े रंग के लिए हाथों को कम से कम 12 घंटे तक पानी से कतई नहीं धोना चाहिए।
अगर आप मेहँदी के रंग को सुर्ख लाल करना चाहती हैं तो आप लौंग की भाप ले सकती हैं। जब मेहंदी सुख जाये तो इसे हाथों से हलके हलके से रगड़ कर उतारने के बाद लौंग को तवे पर रख कर इसकी हाथों को भाप दें तथा इससे मेहंदी का रंग गहरा हो जायेगा। मेहंदी के अनेक औषधीय लाभ है। आर्युवैदिक विधि के अनुसार मेहंदी के बेहतरीन एंटीसैप्टिक माना जाता है। इसे त्वचा की एलर्जी तथा गर्मियों में त्वचा में उपजे चकते, घमौरियों आदि के उपचार पर भी किया जाता है। आर्युवैदिक में मेहंदी को जलन , खरोच, घांव तथा त्वचा सूजन के उपचार में भी प्रयोग किया जाता है। बालों में मेहंदी लगाने से बालों की रूसी, सिर में फोड़े फून्सी ,खुजली आदि बीमारियों से उपचार होता है। वास्तव में मेहन्दी को प्राकृतिक क्लीजनर माना जाता है जो कि अनेक बीमारियों का उपचार करती है। यह ध्यान रखें की नेचुरल पत्तों बाली मेहंदी का ही उपयोग करें। आज कल बाजार में केमिकल्स युक्त मेहंदी का उपयोग किया जाने लगा है, जिससे त्वचा में जलन, सूजन, खुजली आदि से नुकसान पहुँच रहा है। कभी भी सस्ती मेहंदी के चक्कर में फंसे क्योंकि सिंथेटिक मेहंदी के लम्बे समय तक इस्तेमाल से कैंसर जैसे भयानक रोग का खतरा हो सकता है। ज्यादातर अच्छी क़्वालिटी के ब्रांडेड मेहंदी का ही उपयोग करें। बाजार में बिकने बाली सिन्थेटिक मेहंदी में पैराफेनीलिनडेमिन (पीपीडी) और डायमीन नामक जहरीले रसायन होते हैं जोकि त्वचा सम्बन्धित अनेक बिमारियों का कारण बनते हैं। 



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