00 जिस गांव का निवासी उसी गांव में होगा अंतिम संस्कार
कांकेर (शोर सन्देश)। नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण से पीडि़त व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसका अंतिम संस्कार उसी गांव में किया जाएगा, जिस गांव का वह रहने वाला होगा। इस संबंध में मंगलवार को विधायक शिशुपाल शोरी, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य नितिन पोटाई, बस्तर विकास प्राधिकरण के सदस्य बिरेष ठाकुर, पूर्व सांसद सोहन पोटाई, नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष जितेन्द्र ठाकुर, कलेक्टर के.एल. चौहान और पुलिस अधीक्षक एम.आर. अहिरे की उपस्थिति में गोंड, हल्बा, कलार, साहू, यादव, पटेल (मरार), ब्राहम्ण, सेन, महार, गांड़ा, मुस्लिम, देवांगन, राजपूत, सतनामी इत्यादि सर्व समाज प्रमुखों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु कोरोना से होती है, तो उसका अंतिम संस्कार उसके गांव में ही उसके रीति रिवाज एवं परंपरा के अनुसार जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की देख-रेख में नोवल कोरोना वायरस के लिए जारी प्रोटोकॉल के अनुसार किया जाएगा। कोविड-19 से मृत व्यक्ति के दाह संस्कार के लिए जिले के समस्त ग्रामों में ग्रामसभा के द्वारा जगह का चिन्हांकन किया जाएगा। मुस्लिम समाज के किसी व्यक्ति की कोरोना से मृत्यु होने पर उसका अंतिम संस्कार अपने रीति रिवाज के अनुसार कांकेर के मुस्लिम क्रबिस्तान में करने की सहमति प्रदान की गई है। कांकेर शहर के किसी व्यक्ति की कोरोना से मृत्यु होने पर मुक्तिधाम के पास दूध नदी के किनारे उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सर्व समाज प्रमुखों की बैठक में सुमेर सिंग नाग, रोमनाथ जैन, महेष जैन, गिरवर साहू, ओमप्रकाष साहू, महेन्द्र यादव, नरोत्तम पटेल, अरूण कौशिक, दिनेश सेन, प्रदीप कुमार कुलदीप, पप्पू मरकाम, मकबूल खान, गफ्फार मेमन, शादाब खान, अमजद वारसी, एस.एस. अली, आसकरण देवांगन, रूपेष्वर सिंह ठाकुर, बी.आर. नायक, अमृत लाल मौर्य, गंगाराम बघेल सहित समाज प्रमुख अन्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
00 समाज प्रमुखों और प्रशासन की अपील जिले के सर्व समाज के प्रमुखों ने नोवल कोरोना वायरस से मृत व्यक्ति के अंतिम संस्कार के लिए अपने-अपने समाज के लोगों से अपील किया है, कि वे अपने गांव में ही नोवल कोरोना से मृत व्यक्ति का अंतिम संस्कार अपनी रीति रिवाज और परंपरा के अनुसार करें तथा इस दौरान पूरी सावधानी बरतें। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की देख-रेख में अंतिम संस्कार किया जाएं। कलेक्टर के.एल. चौहान ने भी सभी समाज के लोगों से अनुरोध किया है, कि समाज प्रमुखों के द्वारा लिए गए निर्णयानुसार अपने गांव में ही कोरोना से मृत व्यक्ति का अंतिम संस्कार किया जाएं।