रायपुर (शोर सन्देश)। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को एक पत्र भेजा है। पत्र में उनसे आग्रह किया है कि वे हाल के दिनों में जीएसटी नियमों में हुए सभी संशोधनों को टाल दें और 3 सिद्धांतों के आधार पर व्यापारियों से सीधा संवाद करें। केवल तीन ही है जिसमें (स) कर प्रणाली का सरलीकरण और एकीकरण जिससे व्यापारियों को राहत मीले (पप)जीएसटी कर आधार का विस्तार (पपप) केंद्र और राज्य सरकारों को पर्याप्त राजस्व पहुँचना, शामिल है। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि जीएसटी में किए गए विभिन्न संशोधन एवं परिवर्तन से जीएसटी लागू करने का मूल उद्देश्य ही खत्म होता जा रहा है। इसके कारण देश के व्यापारियों के लिए जीएसटी सबसे जटिल कराधान प्रणाली बन गई है। क्योंकि देश के अधिकांश व्यापारी इतने शिक्षित या कम्प्यूटरीकृत नहीं हैं जोन जो जीएसटी के नियमों की पालना सरल न होने के कारण व्यापारियों के लिए पालना आसान नहीं रह गई है।
कैट जीएसटी मुद्दों को हल करने के लिए टकराव के रास्ते का सहारा लेने के बजाय बातचीत की प्रक्रिया के लिए अधिक इच्छुक है और यही कारण है कि कैट ने वित्त मंत्री को हालिया अधिसूचना के कार्यान्वयन को स्थगित करने और बातचीत की प्रक्रिया शुरू करने की अपील कर रहा है।