नई दिल्ली (शोर सन्देश)। भारत और चीन के बीच तनाव लगातार जारी है। ऐसे में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर कोर कमांडर स्तर की छठे दौर की बातचीत 12 घंटे से ज्यादा चली। इस बैठक में भारत ने चीन के समक्ष पैंगोंग झील और डेपसांग समेत सभी तनावग्रस्त जगहों से वापस जाने की शर्त रखी है।
00 दोनों पक्षों ने एक दूसरे से जताई सहमति
भारत ने कहा कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने भारत की जमीन पर घुसपैठ की कोशिश की है, इसलिए उसे पहले पीछे हटकर सीमा विवाद मामले में गंभीरता दिखानी होगी। वहीं दूसरी ओर भारतीय सैनिकों द्वारा पैंगोंग के दक्षिणी छोर की साअहम चोटियों पर कब्जा को लेकर चीन तीलमिलाया हुआ है।
चीन के कोर कंमाडर ने इस बैठक में भारतीय सेना को इन इलाकों से पहले हटने को कहा है। दोनों पक्षों ने एक दूसरे से सहमत थे। बताया जा रहा है कि बातचीत मंगलवार को भी जारी रह सकती है।
00 जयशंकर और वांग यी के बीच हुई थी बैठक
इससे पहले शंघाई सहयोग संगठन से अलग 10 सितंबर को मास्को में विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी के बीच बैठक हुई, जिसमें दोनों पक्ष सीमा विवाद हल करने पर एक सहमति पर पहुंचे थे।
उस बैठकर के दौरान समस्या से छुटकारा पाने के लिए उपायों में सैनिकों को शीघ्रता सीमा से हटाना, सीमा प्रबंधन पर सभी समझौतों एवं प्रोटोकॉल का पालन करना, तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई से बचना, और एलएसी पर शांति बहाल करने के जैसे फैसले शामिल हैं।