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अरुणाचल में सेना-आईटीबीपी का संयुक्त अभ्यास ‘अग्नि परीक्षा’, युद्ध तैयारियों को मिली नई धार

31-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने अरुणाचल प्रदेश में चार दिवसीय संयुक्त फायरिंग अभ्यास ‘अग्नि परीक्षा’ के दूसरे चरण (फेज-II) का सफल आयोजन किया है। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों बलों के बीच समन्वय बढ़ाना और युद्धक तैयारियों को और अधिक मजबूत करना रहा।
रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने शुक्रवार को बताया कि ‘अग्नि परीक्षा’ अभ्यास का दूसरा चरण 25 से 28 जनवरी के बीच अरुणाचल प्रदेश के तेजू क्षेत्र में आयोजित किया गया। इस चरण का मुख्य उद्देश्य अंतर-बल युद्धक तालमेल और परिचालन तत्परता को सुदृढ़ करना था।
चार दिन चले इस संयुक्त अभ्यास में स्पीयर कॉर्प्स के स्पीयरहेड गनर्स के साथ आर्टिलरी रेजिमेंट, इन्फैंट्री बटालियनों और आईटीबीपी के जवानों ने हिस्सा लिया। इस दौरान लाइव आर्टिलरी फायरिंग के जरिए संयुक्त फायरपावर ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
अभ्यास का प्रमुख फोकस गैर-गनर कर्मियों को आर्टिलरी प्रक्रियाओं और विभिन्न फायरिंग मिशनों के संचालन से परिचित कराना रहा। लेफ्टिनेंट कर्नल रावत के अनुसार, इन्फैंट्री और आईटीबीपी के जवानों को अनुभवी गनर्स की निगरानी में स्वतंत्र रूप से कई आर्टिलरी फायरिंग ड्रिल का प्रशिक्षण दिया गया।
उन्होंने कहा कि यथार्थपरक युद्ध परिस्थितियों में किए गए इस प्रशिक्षण से भाग लेने वाले बलों के बीच आपसी विश्वास, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे युद्धक्षेत्र में फायरपावर के प्रभावी एकीकरण की समझ और क्षमता को मजबूती मिली है।
‘अग्नि परीक्षा’ अभ्यास का दूसरा चरण भारतीय सेना की संयुक्तता (जॉइंटमैनशिप), अंतर-संचालन क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी) और यथार्थवादी प्रशिक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह अभ्यास उभरती परिचालन चुनौतियों से निपटने के लिए अंतर-एजेंसी सहयोग को लगातार सशक्त करने के संकल्प को भी रेखांकित करता है।
गौरतलब है कि इससे पहले ‘अग्नि परीक्षा’ अभ्यास का पहला चरण (फेज-I) 19 से 24 जनवरी के बीच अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले के सिगार क्षेत्र में आयोजित किया गया था। छह दिवसीय इस अभ्यास में भी भारतीय सेना और आईटीबीपी ने संयुक्त परिचालन एकीकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की थी। 








 

 



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