धमतरी (शोर सन्देश)। टैक्स वसूली की राशि का गबन करने के मामले में नगर निगम आयुक्त आशीष टिकरिहा ने सहायक राजस्व निरीक्षक भूपेन्द्र करैत को निलंबित कर उन्हें रुपए जमा करने के लिए तीन दिन का समय दिया है। नगर निगम में अधिकारी, कर्मचारियों को अलग अलग कार्य बांटा गया है। कार्यों को ईमानदारी से करने की बजाय कुछ ऐसे कर्मचारी हैं, जो निजी स्वार्थ के चलते शासकीय राशि पर भी डंडी मारने लगे हैं। निगम के सहायक राजस्व निरीक्षकों को दो दो वार्डों में तैनात कर टैक्स वसूली की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। विंध्यवासिनी वार्ड और दानीटोला वार्ड में टैक्स की वसूली का जिम्मा सम्हाल रहे भूपेन्द्र करैत सहायक राजस्व निरीक्षक ने पिछले चार महीने से वसूली की राशि को समय पर एवं पूरी तरह जमा कराने की बजाय गुपचुप तरीके से दबा दिया। इसकी जानकारी मिलने पर जांच हुई। तब पता चला कि सहायक राजस्व निरीक्षक भूपेन्द्र करैत ने करीबन साढ़े 5 लाख रुपए निगम की राशि को जमा कराने के बजाय निजी कार्य में खर्च कर दिया। जबकि प्रत्येक वार्ड में होने वाले टैक्स वसूली से प्राप्त रुपए की जानकारी लेने के लिए चार राजस्व अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। जिन्होंने अपने कार्यों का भी निर्वहन नहीं किया और सहायक राजस्व निरीक्षक ने शासकीय राशि का गबन कर लिया। टैक्स की राशि गबन करने के मामले में नगर निगम आयुक्त आशीष टिकरिहा ने सहायक राजस्व निरीक्षक भूपेन्द्र करैत को प्रभाव से तत्काल निलंबित कर उन्हें रुपए जमा करने के लिए तीन दिन का समय दिया है।
ज्ञात हो कि इसी सहायक राजस्व निरीक्षक ने तीन साल पहले भी टैक्स वसूली की राशि में गड़बड़ी की थी। हालांकि उस समय उन्होंने जांच के बाद रुपए जमा करा दिये थे। दूसरी बार किये गये रुपए के गबन मामले से नगर निगम में एक बार फिर हड़कंप मचा हुआ है।