नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन का मुद्दा अब अंतरराष्ट्रीय होता जा रहा है। अमेरिकी पॉप स्टार रिहाना, क्लाइमेट चेंज एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग समेत कई सेलेब्रिटी के बयान पर अब विदेश मंत्रालय ने टिप्पणी की है। भारत की ओर से कहा गया है कि लोकतंत्र में प्रदर्शन का हक है और किसानों का एक छोटा समूह ही प्रदर्शन कर रहा है। ऐसे में बाहरी लोगों को अपना एजेंडा नहीं चलाना चाहिए। विदेश मंत्रालय द्वारा बुधवार को एक बयान जारी किया गया। भारत ने कहा कि ये देखकर दुख हुआ कि कुछ संगठन और लोग अपना एजेंडा थोपने के लिए इस तरह का बयान जारी कर रहे हैं। किसी भी तरह का कमेंट करने से पहले तथ्यों और परिस्थितियों की जांच करना जरूरी है।