नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एटा की पटना बर्ड सेंचुरी को रामसर साइट के रूप में मान्यता मिलने पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को लगातार वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि एटा की पटना बर्ड सेंचुरी और गुजरात के कच्छ में स्थित छारी-ढांड को रामसर साइट्स में शामिल किया जाना नीति, सुरक्षा और संरक्षण की एक सतत यात्रा को दर्शाता है, जहां पारिस्थितिकी और विकास एक साथ आगे बढ़ते हैं।
सीएम योगी ने अपने संदेश में कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता सतत संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन और जैव विविधता की रक्षा के प्रति भारत के दृढ़ संकल्प को रेखांकित करती है। उन्होंने एटा के नागरिकों और वेटलैंड संरक्षण से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स को बधाई दी।
इससे पहले पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जानकारी दी थी कि उत्तर प्रदेश के एटा जिले में पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के कच्छ जिले में छारी-ढांड को रामसर साइट्स की सूची में शामिल किया गया है। उन्होंने यह घोषणा दो फरवरी को मनाए जाने वाले विश्व वेटलैंड्स दिवस से पहले की थी।
भूपेंद्र यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि विश्व वेटलैंड दिवस नजदीक होने के कारण यह घोषणा करते हुए उन्हें खुशी हो रही है कि भारत के बढ़ते रामसर नेटवर्क में दो नए नाम जुड़े हैं। पटना पक्षी अभयारण्य और छारी-ढांड अब प्रतिष्ठित रामसर साइट्स की सूची का हिस्सा बन गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि ये मान्यताएं जैव विविधता के संरक्षण और महत्वपूर्ण इकोसिस्टम की रक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने स्थानीय समुदायों और वेटलैंड संरक्षण के लिए कार्य कर रहे सभी लोगों को बधाई दी।