लंदन/ नई दिल्ली (शोर सन्देश)। मॉडर्ना और फाइजर ने अपने आंकड़ों को जारी कर दिया है जिससे संकेत मिलता है कि उनके टीके किशोरों के लिये उपयुक्त और कोविड-19 की रोकथाम में बेहद प्रभावी हैं। कनाडा, अमेरिका और यूरोपीय संघ पहले ही 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को फाइजर का टीका लगाए जाने के लिये मंजूरी दे चुके हैं। ब्रिटेन ने भी अब 12 से 15 साल की उम्र के बच्चों को फाइजर के लिए फाइजर के टीके के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। लेकिन कई कारणों से इसे तत्काल लागू करने को लेकर सवाल हो सकते हैं। कोई टीका किसी के लिये लाभदायक है यह तीन चीजों पर निर्भर करता है: संक्रमण के बाद उनके गंभीर रूप से बीमार पड़ने की आशंका कितनी है, टीका कितना प्रभावी है और टीकाकरण का जोखिम कितना है। वयस्कों के मुकाबले बच्चों में कोविड-19 कम गंभीर होता है। सात देशों में हुए एक हालिया अध्ययन से संकेत मिलता है कि कोविड-19 से हुई 10 लाख मौत के मामलों में बच्चों की मौत के दो से भी कम मामले सामने आते हैं। भले ही टीका बच्चों पर बेहद प्रभावी हो, यह पहले से ही बेहद मामूली जोखिम को सिर्फ खत्म कर सकता है। निश्चित रूप से, अन्य समस्याएं, जैसे दीर्घकालिक कोविड आदि हैं लेकिन हम अभी यह नहीं जानते के बच्चों में यह कितनी सामान्य हैं।