गरियाबंद (शोर सन्देश)। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 में विवाह कार्यक्रम विकासखण्ड स्तर पर 18 जनवरी को प्रस्तावित है। उक्त विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इच्छुक जोड़े संबंधित एकीकृत बाल विकास परियोजना-फिंगेश्वर, छुरा, गरियाबंद, मैनपुर, देवभोग में 12 जनवरी तक पंजीयन करा सकते हैं। आवेदन और योजना के संबंध में अन्य आवश्यक जानकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना-फिंगेश्वर, छुरा, गरियाबंद, मैनपुर, देवभोग से कार्यालयीन समय में प्राप्त किया जा सकता है। महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी जगरानी एक्का ने बताया किमुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य निर्धन परिवारों को कन्या के विवाह के संदर्भ में होने वाली आर्थिक कठिनाइयों का निवारण करना है। विवाह के अवसर पर होने वाली फिजूलखर्ची को रोकना और सादगीपूर्ण विवाहों को बढ़ावा देना। सामूहिक विवाहों के आयोजन के माध्यम से निर्धनों के मनोबल ध् आत्मसम्मान में वृद्धि और उनकी सामाजिक स्थिति में सुधार। सामूहिक विवाहों को प्रोत्साहन। विवाहों में दहेज के लेन-देन की रोकथाम करना। योजना की पात्रता-कन्या मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजनांतर्गत जारी राशन कार्ड धारितष् परिवार की होनी चाहिए। एक परिवार की अधिकतम दो कन्या लाभांवित की जा सकेगी। कन्या की आयु 18 वर्ष से अधिक और वर की आयु 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। कन्या प्रथम विवाह के लिए इस सहायता की पात्र होगी। सामूहिक विवाह में सम्मलित होने वाली कन्या को ही उक्त सहायता की पात्रता होगी। कन्या और उसके परिवार को छत्तीसगढ़ राज्य का निवासी होना चाहिए। साक्षर कन्याओं को सहायता प्रदान करने में प्राथमिकता दी जाएगी। कन्या को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और अनुसूचित जाति, जनजाति विकास विभाग से संचालित सामूहिक विवाह योजनाओं में से किसी एक योजना के तहत लाभ पाने की पात्रता होगी।