रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ के स्कूलों में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत के बाद अब राज्य गीत भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जा रहा है जिसके तहत छत्तीसगढ़ का राज्य गीत ‘अरपा पैरी के धार’ भी छात्र गाया करेंगे। इसके लिए शासन ने विधिवत आदेश जारी कर दिए हैं। स्कूलों में ये कब से शुरू होगा ये फिलहाल अनिश्चित है। संयुक्त संचालक संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के सभी स्कूलों में राज्य गीत ‘अरपा पैरी के धार’ को प्रार्थना में शामिल किया जाना है। इस गीत को प्रार्थना में शामिल करने का उद्देश्य है कि राज्य गीत के बारे में स्कूली बच्चों को पता चले और प्रदेश के हर बच्चे को ये गीत याद हो।
बता दें कि इस गीत के रचियता डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा है। इस छत्तीसगढ़ी गीत को वर्ष 2019 में राज्य पत्र में प्रकाशित कर राज्य गीत का दर्जा दिया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीते साल साइंस कॉलेज मैदान में हुए राज्योत्सव में डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा रचित प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी गीत ‘अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार’ को प्रदेश का राज्यगीत घोषित किया था। इसके बाद अब इस राज्यगीत को राज्य शासन के महत्वपूर्ण शासकीय कार्यक्रम और आयोजनों के शुभारंभ में भी बजाया जाता है। 4 नवंबर को डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा की जन्म जयंती मनाई जाती है। यह गीत लोक कलाकारों में बेहद लोकप्रिय है। लोक कलाकारों ने कई मंचों के माध्यम से पिछले कई वर्षों में इसकी प्रस्तुति दी है।