00 जिले में 13.50 लाख बारदाना सभी उपार्जन केंद्रों में उपलब्ध कराये जा रहे
महासमुंद (शोर सन्देश)। महासमुंद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2020 21 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है तथा आवश्यकता अनुसार रविवार को 6 लाख 50 हजार नये एचडीपीई बारदाना उपार्जन क्रेंदों में उपलब्ध कराये जा रहे है। इसके साथ ही 3 लाख बरदाने मिलर्स के माध्यम और 3 लाख बारदान उपभोक्तान दुकानों में शेष बचें उन्हें प्राप्त कर इस तरह पहले और नए मिला कर कुल 13.50 लाख बारदानों जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में पहुंचाया जाना रविवार से शुरू हो गया हैं। जिले में पर्याप्त मात्रा में नये उपलब्ध एचडीपीई बारदानो की उपलब्धता की संबंध में जिला विपणन अधिकारी अनिल जोशी ने जानकारी दी। कोविड 19 के कारण नये जुट बारदाने की फैक्टरियां बंद हो जाने से जूट बारदाना के कमी को देखते हुये नए एचडीपी बारदाने के साथ साथ पीडीएस बारदाने और मिलर्स से बारदानों के उपार्जन के लिए खाद्य अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी, नोडल अधिकारी बैक और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की बैठक अपर कलेक्टर महासमुंद जोगेंद्र नायक की ओर से ली गयी तथा सभी संबंधितों को नियमित रूप से तालमेल और समन्वय बना कर बारदाना की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने के लिए निर्देशित किया गया है। वर्तमान में आगामी दिनों में धान खरीदी को देखते हुए जिले में पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है।
जिला खाद्य अधिकारी नितिन त्रिवेदी ने जानकारी दी की मिलर्स के माध्यम से भी जिले में 3 लाख बारदाने उपलब्ध कराये जा रहे है। मिलर्स की ओर से दिये जा रहे बारदाने की गुणवत्ता का सत्यापन करा लिया गया है और मिलर्स को भी सख्त निर्देश दिये गये है, कि कटेफटे निम्न गुणवत्ता वाले बारदाने उपार्जन केंद्रो में ना भेजें। साथ ही उपार्जन केंद्रो को भी यह निर्देश जारी किये गये है, कि मिलर्स की ओर से प्रदाय किये जा रहे बारदाने यदि कटे फटे और गुणवत्ता विहीन है तो उपार्जन केंद्र उसे स्वीकार ना करें। इसके लिए तहसील स्तर पर सभी खाद्य निरीक्षकों को भी मोनिटरिंग हेतु निर्देशित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत दुकानो से भी जिले में 17 लाख बारदाना प्राप्त कर धान खरीदी में उपयोग किया जा चुका है। जिले के नोडल अधिकारी श्री डी एल नायक ने बताया कि पीडीएस उपभोक्ता के बारदानो के उपयोग धान खरीदी में करने का नीतिगत निर्णय राज्य शाशन की ओर से लिए जाने के कारण, शासन से जिले में 20 लाख बारदानों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसमें से 17 लाख बारदाने उपायोग किये जा चुके है। तीन लाख उपभोक्ता बारदाने भी उपभोक्तान दुकानों में शेष बचे है। जिन्हें प्राप्त कर उपयोग करने के लिए उर्पाजन केंद्रो को निर्देशित किया गया है। विगत वर्षो में उपभोक्ता दुकानों के बारदानों को खूले बाजार में बेचने की प्रथा रही है, जिसे इस वर्ष प्रारंभ से ही लगाम लगा कर रखा गया है, जिसके कारण ही इतनी संख्या में पी डी एस बारदानो का उचित उपयोग कर धान खरीदी बेहतर और सुचारू व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग मिला।