पिछले साल के मुकाबले कॉर्निया दान में 84 फीसदी की कमी आई
नई दिल्ली/ रायपुर (शोर सन्देश)। जीवन जीने के तौर तरीकों में बदलाव और डिजिटल स्क्रीन का अत्यधिक इस्तेमाल के कारण सभी उम्र के बहुत सारे लोगों में दृष्टि की मामूली से लेकर गंभीर समस्या बढ़ रही है। हालांकि इससे बचा या छुटकारा पाया जा सकता है, बशर्ते कि लोग नेत्रदान यानी कॉर्निया के दान के लिए आगे आएं। इलाज योग्य दृष्टिहीनता के मामले कम करने के मकसद से ऑल इंडिया ऑप्थैल्मोलॉजी सोसायटी (एआईओएस) इस बारे में जानकारी को लेकर जागरूकता अभियान शुरू किया है। राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के तहत लोगों को दृष्टि/कॉर्निया दान के लिए प्रोत्साहित किया।
एआईओएस के अध्यक्ष और सेंटर फॉर साइट ग्रुप ऑफ हास्पिटल्स के चेयरमैन डॉ. महिपाल सिंह सचदेव ने कहा, कोविड 19 महामारी का असर इस साल भारत में नेत्रदान मुहिम पर भी पड़ा है। नेत्र बैंक में तीन महीने बाद कामकाज जून में शुरू भी हुआ तो नेत्रदान करने वालों की संख्या बहुत कम रही। इस वजह से देश में कॉर्निया के कारण दृष्टि गंवा देने वाले मरीजों की तादाद बहुत ज्यादा हो चुकी है। भारत में दृष्टिहीनता की समस्या कम करने के लिए तत्काल सुरक्षा के उपाय लागू करना बहुत जरूरी हो गया है। हाल के आंकड़े बताते हैं कि देश में अभी कॉर्निया के कारण दृष्टिहीनता के शिकार लगभग 11 लाख मरीज कॉर्निया प्रत्यारोपण का इंतजार कर रहे हैं। पिछले साल ऐसे 26000 मरीजों की सर्जरी का कॉर्निया प्रत्यारोपण किया गया था। पिछले साल के मार्च से लेकर जून 2019 के दौरान 6991 कॉर्निया एकत्रित किए गए थे और इनमें से 2374 मामलों की सफल सर्जरी हुई। लेकिन इस साल इसी अवधि में सिर्फ 1125 कॉर्निया दान किए गए जबकि सिर्फ 515 मरीजों को ही इसका लाभ मिल पाया। ये आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल के मुकाबले इस साल कॉर्निया दान में 84 फीसदी की गिरावट आई है।
यदि किसी व्यक्ति को कोई चीज देखने में धुंधला नजर आता है तो इसका मतलब है कि उसकी आंखों के ऊपर की परत यानी टिश्यू उसके कॉर्निया को घेर लेती है। यह किसी बीमारी, चोट, संक्रमण या खराब खानपान के कारण होता है। जो आगे चलकर दृष्टिहीनता की स्थिति तक पहुंच जाती है। इसका इलाज संभव है यदि किसी स्वस्थ व्यक्ति का कॉर्निया उसे प्रत्यारोपित किया जाए। समय से ऐसे मरीजों का इलाज होता रहे, तो देश से दृष्टिहीनता के मामले बहुत कम हो जाएंगे। यही वजह है कि कॉर्निया दान करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाता है।