नईदिल्ली(शोर सन्देश)। पुलवामा की तरह एक बड़े हमले को अंजाम देने से पहले सुरक्षाबलों के जवानों ने 52 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया है। यह विस्फोटक हाईवे के बेहद नजदीक और पिछले बार हुए हमले की जगह के करीब पाया गया है, जिसमें 40 से अधिक सैनिक मारे गए थे।
सेना के बयान के अनुसार, `गडिकाल के करेवा क्षेत्र में सुबह 8 बजे एक संयुक्त तलाशी अभियान ने एक सिंटेक्स टैंक का खुलासा हुआ, जो एक बाग में दफनाया गया था। उस पानी की टंकी में लगभग 52 किलोग्राम विस्फोटक पाया गया था। प्रत्येक में 125 ग्राम विस्फोटक था, जिसके 416 पैकेट बरामद किए गए।
अधिकारियों के अनुसार विस्फोटक को `सुपर 90` कहा जाता है। जिस स्थान पर विस्फोटक पाए गए, वह राजमार्ग और 2019 पुलवामा हमले स्थल से 9 KM दूर है।
पिछले साल 14 फरवरी को जब एक आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षा काफिले में विस्फोटकों से भरी कार को टक्कर मार दी थी, उसमें 40 से अधिक सैनिक मारे गए थे। हमले में जिलेटिन की छड़ें के अलावा कुछ 35 किलोग्राम आरडीएक्स प्लास्टिक विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने हाल ही में चार्जशीट में कहा था कि पुलवामा हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी मास्टरमाइंड मसूद अजहर और उसके भाई रऊफ असगर अहम साजिशकर्ता थे।
13,500 पन्नों की चार्जशीट में भी कहा गया है कि जैश के आतंकवादियों ने एक और हमले को अंजाम देने की योजना बनाई थी और यहां तक कि फिदायीन या आत्मघाती हमलावर भी तैयार थे, लेकिन बालाकोट में भारत के हवाई हमलों को नाकाम कर दिया गया।
एनआईए ने 19 आरोपियों को चार्जशीट में सूचीबद्ध किया और बताया कि कश्मीर में सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक की योजना को पाकिस्तान ने कैसे अंजाम दिया।