टोक्यो/नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारतीय महिला पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविनाबेन पटेल को टोक्यो पैरालम्पिक खेलों में महिला एकल वर्ग के क्लास 4 इवेंट के फाइनल में चीन की यिंग झोउ के हाथों 0-3 से हार का सामना कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। यिंग ने शुरुआत से ही मुकाबले में अपनी पकड़ बनाई रखी। भाविना पटेल को पहले गेम में यिंग ने 11-7 से हराया जबकि दूसरे गेम में उन्हें नंबर-1 खिलाड़ी के हाथों 11-5 से हार का सामना करना पड़ा। यिंग ने तीसरे गेम को भी आसानी से 11-6 से अपने नाम कर स्वर्ण पदक हासिल किया।

पहली बार पैरालम्पिक में शामिल हुईं भाविना के रजत पदक जीतने से भारत ने टोक्यो पैरालम्पिक में अपना पहला पदक हासिल किया। भाविना ने शुक्रवार को सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही देश के लिए पदक पक्का कर लिया था। उनकी कोशिश स्वर्ण जीतने की थी, हालांकि ऐसा हो नहीं सका। लेकिन भाविना ने रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। वह पहली भारतीय महिला पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं जिन्होंने पैरालम्पिक में इस इवेंट में कोई पदक जीता है। भारत ने अबतक पैरालम्पिक में तीन स्पोटर्स में 12 पदक जीते हैं जिनमें एथलेटिक्स (तीन स्वर्ण, चार रजत तीन कांस्य), पावरलिफ्टिंग (एक कांस्य) तैराकी (एक स्वर्ण) शामिल है। लेकिन टोक्यो पैरालम्पिक में यह भारत का पहल पदक है। भाविना ने 2017 में बीजिंग में हुए अंतर्राष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ एशियाई पैरा टेटे चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। रजत पदक जीतने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाविना बेन पटेल को रविवार को बधाई दी और उनकी जीत को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इससे युवा खेलों के प्रति आकर्षित होंगे। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ``असाधारण भाविना पटेल ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने देश के लिए ऐतिहासिक रजत पदक जीता है। उनकी जीवन यात्रा प्रेरक है और वह युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करेंगी।`` प्रधानमंत्री ने भाविना से फोन पर बात की और उन्हें रजत पदक जीतने पर बधाई दी। प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक मोदी ने भाविना से कहा कि उन्होंने इतिहास रचा है। उन्होंने रजत पदक विजेता को भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं। भाविना गुजरात में मेहसाणा जिले के वडनगर के सुंधिया गांव की रहने वाली हैं। प्रधानमंत्री ने भाविना को बताया कि वह अक्सर सुंधिया जाते रहते थे। उन्होंने भाविना से यह भी पूछा कि उनके परिवार के कौन-कौन से सदस्य अभी गांव में रहते हैं। इसके जवाब में भाविना ने बताया कि उनके माता-पिता सुंधिया में ही रहते हैं। ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री भी वडनगर के ही रहने वाले हैं।