राजेन्द्र ठाकुर (राजू) बलरामपुर (शोर संदेश)। कोरोना काल के समय 18 माह तक स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई में काफी नुकसान उठाना पड़ा है। जिसको सुधारने के लिए नवा जतन सेतु पाठ्यक्रम 2.0 के तहत उपचारात्मक शिक्षण हेतु प्रशिक्षण शिक्षकों को दिया गया। जहाँ संकुल स्तर पर शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलरामपुर में आज शिक्षकों का प्रशिक्षण संपन्न हुआ। संकुल स्तरीय प्रशिक्षण में संकुल सरनाडीह व बलरामपुर के प्राथमिक व माध्यमिक शाला के समस्त शिक्षक सम्मिलित हुए। यह प्रशिक्षण दो चरण मे दिनांक 10 जनवरी से 13 जनवरी तक आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के मुख्य मास्टर ट्रेनर रवीन्द्र गुप्ता( संकुल समन्वयक सरनाडीह) अवधमणी एक्का ( संकुल समन्वयक बलरामपुर )एवं पी एल सी सदस्य दिनेश जांगडे थे। संकुल सरनाडीह एवं बलरामपुर के संकुल प्राचार्य विमल दुबे सर ने बताया कि एन ई पी 2020 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें प्राथमिक स्तर पर मुख्य रूप से कार्य करने की जरूरत है,तथा FLN के अंतर्गत भाषा साक्षरता व संख्या ज्ञान में बच्चों को कक्षा तीसरी स्तर तक पूर्ण रूप से दक्ष करना होगा। मास्टर ट्रेनर रवीन्द्र गुप्ता ने बताया कि नवा जतन कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्य रूप से उपचारात्मक शिक्षण पर बल दिया गया है जो कि कक्षा में अध्यापन के दौरान ही किया जाना है।इसके लिए एससीईआरटी रायपुर के द्वारा 6 बिंदु तैयार किए गए हैं जो स्वयं से सीखने के लिए प्रेरित करना,स्वयं से और अधिक सीखने के लिए चुनौती देना,पियर लर्निंग,विषय मित्र,ग्रुप लर्निंग और गली मित्र बनाना, बच्चों की जिज्ञासा का सम्मान करना,